Saturday, 9 September 2017

शिक्षा राज्यमंत्री श्री देवनानी ने हमीरा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में नव निर्मित भवनों का किया लोकार्पण

शिक्षा राज्यमंत्री श्री वासुदेव देवनानी नें शनिवार को ग्रामपंचायत हमीरा में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में रमसा के तहत विद्यालय सुदृढी़करण योजनान्तर्गत नवनिर्मित कक्षा-कक्षों का लोकार्पण  किया। इस दौरान बाड़मेर सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी ,जैसलमेर विधायक छोटूसिंह भाटी , पोकरण विधायक शैतानसिंह राठौड़ , जिला प्रमुख श्रीमती अंजना मेघवाल, और सरपंच, ग्राम पंचायत हमीरा आनन्दसिंह उपस्थित थे।

शिक्षा राज्यमंत्री श्री देवनानी ने हमीरा उच्च माध्यमिक विद्यालय में 50 लाख 42 हजार रुपये की लागत से नवनिर्मित कक्षा कक्ष ,पुस्तकालय ,कम्प्यूटर कक्ष इत्यादि का लोकार्पण कर विद्यालय के लिए समर्पित किया। इस दौरान जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक मन्नीराम मीणा ,अतिरिक्त जिला शिक्षाधिकारी कमल किशोर व्यास ,प्राचार्य मनीष कुमार दवे के साथ ही ग्रामीणजन एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।

स्वास्थ्य में ई-गवनेर्ंस के क्षेत्र में राजस्थान देश में प्रथम

स्वास्थ्य के क्षेत्र में ई-गवनेर्ंस के लिये राजस्थान को सर्वश्रेष्ठ होने का अवार्ड मिलने के साथ ही कुल 9 स्काच अवार्ड प्रदान किये गये हैं। नयी दिल्ली में आयोजित 49वीं स्काच समिट में राजस्थान को दो दिनों में यह अवार्ड्स दिये गये हैं। इनमें पांच आर्डर आफ मेरिट, तीन प्लेटीनम एवं एक सिल्वर अवार्ड शामिल है।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री कालीचरण सराफ ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत विभिन्न परियोजनाओं में लिये गये ई-इनीशियेटिव के लिये एनएचएम राजस्थान टीम को बधाई दी है। उन्होंने बताया कि इन ई-इनीशियेटिव से प्रदेश की स्वास्थ्य योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में सहयोग मिल रहा है। 

प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती वीनू गुप्ता ने बताया कि स्काच अवार्ड हेतु राजस्थान की पांच स्वास्थ्य परियोजनाओं का नामिनेशन किया गया था और इन पांचों ही परियोजनाओं को स्काच अवार्ड प्राप्त हुआ है। इनमें सी-मेम, आंचल मदर मिल्क बैंक, आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, आशा द्वारा टीबी स्क्रीनिंग एवं आरबीएसके साफ्टवेयर को स्काच आर्डर आफ मेरिट अवार्ड मिले हैं।

स्वास्थ्य सचिव एवं मिशन निदेशक एनएचएम श्री नवीन जैन ने बताया कि राजस्थान को स्वास्थ्य के क्षेत्र में ई-गवनेर्ंस के लिये श्रेष्ठ राज्य के पुरस्कार के साथ ही तीन प्लेटीनम अवार्ड एवं पांच स्काच आर्डर आफ मेरिट अवार्ड प्राप्त हुये हैं। उन्होंने बताया कि राजस्थान की बच्चों के कुपोषण को दूर करने के लिये समुदाय आधारित योजना सी-मेम एवं मदर मिल्क बैंक के साथ ही एनएचएम राजस्थान को श्रेष्ठता के लिये स्काच प्लेटीनम पुरस्कार दिया गया है। इसी प्रकार आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र परियोजना को भी स्काच सिल्वर अवार्ड प्रदान किये गये हैं।

श्रीमती राजे को मिला ’बेस्ट चीफ मिनिस्टर ऑफ द ईयर’ का स्कॉच अवार्ड

 श्रीमती वसुन्धरा राजे को गुड गवनेर्ंस, सूचना प्रौद्योगिकी, कौशल विकास तथा महिला स्वावलम्बन जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य एवं उपलब्धियों और राजस्थान को बीमारू प्रदेशों की श्रेणी से बाहर लाने के लिए ’बेस्ट चीफ मिनिस्टर ऑफ द ईयर’ स्कॉच अवार्ड से सम्मानित किया गया। वहीं साथ ही राजस्थान को ’स्टेट ऑफ द ईयर’ अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया है।

मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में राजस्थान विधानसभा के उपाध्यक्ष श्री राव राजेन्द्र सिंह ने शनिवार को नई दिल्ली में कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में स्कॉच ग्रुप द्वारा आयोजित समारोह में यह अवार्ड ग्रहण किए। समारोह में राजस्थान को विभिन्न श्रेणियों में कुल 57 अवार्ड दिए गए। समारोह के मुख्य अतिथि केन्द्रीय पर्यटन तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री श्री केजे अल्फोंस थे।

अवार्ड समारोह में श्री राव राजेन्द्र सिंह ने कहा कि भौगोलिक दृष्टि से देश का सबसे बड़ा और रेगिस्तानी प्रदेश होने के कारण राजस्थान में विकास की चुनौतियां अन्य प्रदेशों की तुलना में बहुत बड़ी हैं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री की दृढ़ इच्छाशक्ति, कड़े परिश्रम और कुशल नेतृत्व के फलस्वरूप राजस्थान में सुराज लाने का विजन मूर्त रूप ले रहा है। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में आगे बढ़कर राजस्थान बीमारू राज्य की श्रेणी से बाहर आया है। 

समारोह में राजस्थान के श्रम, रोजगार और कौशल विकास आयुक्त श्री कृष्ण कुणाल सहित अन्य अधिकारियों ने भी अवार्ड ग्रहण किए।

Friday, 8 September 2017

राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल द्वारा ज्योतिर्विद महावीर सोनी की पुस्तक "प्रथम महिला स्वतंत्रता सैनानी महान वीरांगना अब्ब्क्का रानी" का विमोचन

देश की प्रथम महिला  स्वतंत्रता सैनानी महान वीरांगना अब्ब्क्का रानी  एक जैन रानी थी, कड़े परिश्रम के बाद ऐतिहासिक रूप से तथ्य जुटाकर ज्योतिर्विद महावीर सोनी ने तैयार की है यह पुस्तक  

जयपुर| देश की प्रथम स्वतंत्रता सैनानी "महान वीरांगना अब्ब्क्का रानी" पुस्तक का लोकार्पण शुक्रवार दिनांक 8 सितम्बर 2017 को यहां राजस्थान विधान सभा में राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष कैलाश चन्द्र मेघवाल ने किया|  पुस्तक विमोचन के इस कार्यक्रम में पुस्तक के लेखक ज्योतिर्विद महावीर कुमार सोनी के अलावा अलवर शहर  विधायक बनवारी लाल सिंघल, सीकर विधायक रतनलाल जलधारी, पूर्व विधायक जीतराम चौधरी, राजस्थान विधान सभा में सहायक संपादक एवं राज.विधानसभा रिपोर्टर्स  एसोसिएशन के अध्यक्ष जय कुमार जैन उपस्थित थे| पुस्तक के लेखक महावीर कुमार सोनी ने इस अवसर पर बताया कि झांसी की रानी से भी लगभग 300 साल पहले हुई इस रानी के बारे में बहुत कम जानकारी उपलब्ध है, बहुत कम लोग इस रानी की अत्यंत महान ऐतिहासिक गाथा से अवगत हैं, स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में इस रानी को प्रथम पंक्ति में जगह मिलनी चाहिए थी किन्तु वो स्थान अभी तक नहीं मिला है|  जिस रानी ने  विदेशी ताकतों  के आगे कभी घुटने न टेके हों और जो छोटे से राज्य की रानी होते हुए भी चार दशक तक उनके विरुद्ध संघर्ष जारी रखने में सफल रही हो, इतिहास में शायद ही  ऐसा कोई कोई दूसरा उदाहरण होगा| श्री सोनी ने बताया कि विगत कुछ अरसे से धीरे धीरे इस रानी की गाथा अब लोगों तक अवश्य पहुंचने लग गई है, किन्तु यह संख्या बहुत कम है| रानी के बारें में सभी लोगों तक जानकारी पहुंचे, महिला सशक्तिकरण को इससे गति मिले, सभी लोगों को इस प्रेरणादायक नायिका के इतिहास से प्रेरणा मिले, यही इस पुस्तक के प्रकाशन का उद्देश्य है| 
पूर्ण पुस्तक पढ़ने के लिए कृपया निम्न लिंक पर जाएं :-






Saturday, 19 August 2017

A book on Abbakka Rani by Mahavir kumar Soni.


Free download:
                                                           Mahan veerangna Abbakka Rani

Friday, 2 June 2017

मुख्यमंत्री ने लॉन्च की राजस्थान रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी की वेबसाइट

जयपुर, एक जून। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने मुख्यमंत्री कार्यालय में राजस्थान रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) की आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च की। सभी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स एवं रियल एस्टेट एजेन्ट्स के लिए इस वेबसाइट पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि तेजी से बढ़ते हुए रियल एस्टेट क्षेत्र में उपभोक्ताओं को जागरुक बनाने एवं उनके हितों को सुरक्षित करने की दिशा में यह वेबसाइट महत्वपूर्ण साबित होगी। श्रीमती राजे ने उपस्थित रियल एस्टेट क्षेत्र के प्रतिनिधियों का आह्वान करते हुए कहा कि राजस्थान अफोर्डेबल हाउसिंग के क्षेत्र में सबसे पहले शुरुआत करने वाला प्रदेश है। इस बढ़त को बरकरार रखते हुए आमजन को सस्ते एवं गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराने के लिए अफोर्डेबल हाउसिंग को और बढ़ावा देने की जरूरत है।   

उल्लेखनीय है कि वेबसाइट rera-rajasthan.in के लॉन्च होने के बाद इस पर पंजीकरण कराए बिना कोई भी नया रियल एस्टेट प्रोजेक्ट शुरू नहीं किया जा सकेगा। पहले से चल रहे प्रोजेक्ट्स को इस वेबसाइट पर पंजीकरण के लिए तीन महीने का समय मिलेगा।

वेबसाइट लॉन्चिंग के अवसर पर नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री श्री श्रीचंद कृपलानी, अतिरिक्त मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवासन श्री मुकेश शर्मा, प्रमुख शासन सचिव स्वायत्त शासन डॉ. मंजीत सिंह, डीएलबी के निदेशक श्री पवन अरोड़ा सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं क्रेडाई राजस्थान व टोडार संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित थे। 



Monday, 9 January 2017

नोटबंदी के प्रति आलोचना का मुख्य मुद्दा हुआ समाप्त

कड़े निर्णयों से ही देश बन सकेगा समृद्धिशाली विकसित राष्ट्र
                                                               (लेख  - ज्योतिर्विद महावीर कुमार सोनी)

मोदी सरकार के नोटबंदी के निर्णय पर तरह तरह से सवाल उठा रहे लोगों के पास अब इसको लेकर आलोचना का एक मुख्य मुद्दा भी अब समाप्त हो गया, जब आई. टी. विभाग ने निर्देश जारी कर 8 नवम्बर से पहले बैंक बचत खातों में हुए लेन देन की जानकारी हेतु बैंकों के लिए आदेश जारी कर दिए। सैन्ट्रल बोर्ड ऑफ़ डायरेक्ट टैक्सेज (सी.बी.डी.टी) द्वारा 6 जनवरी को जारी राजपत्रित अधिसूचना में कहा गया है कि सभी बैंक मूल भूत बचतों तथा समय आधारित जमाओं को छोड़कर सभी नकद जमाओं की पूरी जानकारी आयकर विभाग को उपलब्ध कराएं।
ज्ञातव्य है की भाजपा सरकार पर यह आरोप विगत कई दिनों से लग रहा था कि नोटबंदी की जानकारी भाजपा के कई नेताओ को पूर्व से ही थी, अत: नोटबंदी के निर्णय से पूर्व ही इनके द्वारा 500 एवं 1000 के नोट बदलने का कार्य बड़े स्तर पर हो गया।  इसके मद्देनजर कई राजनैतिक पार्टियों के नेता यह मांग कर रहे थे कि सरकार 8 नवम्बर 2016 के पहले बैंकों में हुए लेन देन को सामने लाने के निर्देश जारी करे, क्योंकि नोटों को बदलने का कार्य तो 8 नवम्बर से पूर्व ही हो गया था। 
आयकर विभाग द्वारा अब सभी बैंकों और डाकघरों से 1 अप्रेल 2016 से 9 नवम्बर के बीच सेविंग अकाउंट में जमा होने वाले कैश डिपॉजिट की रिपोर्ट मांगी है। आयकर विभाग ने नोट बंदी से पहले हुए लेनदेन के बारे में जानकारी हासिल करने के उद्देश्य से यह रिपोर्ट मांगी है। इस निर्णय से मोदी सरकार की एक और निष्पक्षता सामने आ गई है, वहीं इस तरह की मांग के साथ नोट बंदी के प्रति आलोचना कर रहे आलोचकों के पास अब इस मुद्दे पर कहने के लिए कुछ ख़ास नहीं रहा है। यदि सरकार 9 नवंबर से पूर्व बैंक डिपाजिट संबंधी लेनदेन को सख्ती के साथ निर्धारित समय सीमा में प्राप्त कर इसकी सूचना सार्वजनिक कर देती है तो यह देश के इतिहास में ऐसा कदम कहलाएगा जिसकी तुलना किसी अन्य साहसिक निर्णय से करना कठिन हो जावेगा, वहीँ यह कदम सदभावना पूर्वक आलोचना करने वालों को भी यह कहने को मजबूर कर देगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की कथनी और करनी एक है, उनकी नजर में सब बराबर है, यदि कोई गलत कर रहा है चाहे भाजपा का नेता हो, या दूसरी पार्टी का, इससे उन्हें कोई सरोकार नहीं है। कानून की नज़र में सब बराबर है, जिसने जो किया है उसकी उसे सजा भुगतनी ही होगी।  
उल्लेखनीय है कि सम्पति शोध कंपनी न्यू वर्ल्ड के अनुसार रूस के बाद भारत दुनिया का सबसे ज्यादा असमानता वाला देश है, जहाँ पर 54 प्रतिशत सम्पति मात्र कुछ करोड़पतियों के हाथ में है। भारत दुनिया के 10 सबसे अमीर देशों में है, जहाँ कुल संपत्ति 5600 अरब डॉलर है, लेकिन औसतन भारतीय गरीब है। वैश्विक तौर पर रूस दुनिया का सबसे ज्यादा असमानता वाला देश है,जहाँ कुल सम्पति के 62 प्रतिशत पर मात्र कुछ धन कुबेरों का नियंत्रण है। वहीँ दूसरी तरफ जापान दुनिया में सबसे ज्यादा समानता वाला देश है, जहाँ धनवान लोगों के हाथ में कुल सम्पति का 22 प्रतिशत हिस्सा है। आस्ट्रेलिया में कुल सम्पति के 28 प्रतिशत पर धन कुबेरों का आधिपत्य है, इसके बाद अमेरिका एवं ब्रिटेन भी समानता वाले देशों में है, इनमें कुल सम्पति के क्रमशः 32 प्रतिशत एवं 35 प्रतिशत पर धनाढ्य लोगों का कब्ज़ा है। संपत्ति के आधार पर देशों में असमानता वाली यह जानकारी hindi.cobrapost.com में दर्शाई गई है। 
संपत्ति में असमानता की दृष्टि से भारत दूसरा बड़ा राष्ट्र है जहाँ सम्पति की दृष्टि वाली इस असमानता को एक दिन में नहीं सुधारा जा सकता। जापान एवं आस्ट्रेलिया जैसी धन की समानता वाली स्थिति में लाने के लिए भी सरकार को बिना भेद भाव के ऐसे कई कड़े निर्णय लागू करने पड़ेंगे। कड़े निर्णय लेना और उनको दृढता से लागू करना, दो अलग अलग पहलू हैं। पहले यह सोचना कि निर्णय कैसा है, इसके दूरगामी परिणाम क्या क्या हो सकते हैं, दूसरा इसको कैसे लागू किया गया है, इसमें क्या चूक थी जिसकी वजह से जो संभावित लाभ थे वे एकदम से नहीं मिल पाए हैं या भविष्य में संभावित तिथि से कितने दिन बाद तक प्राप्त हो पाएंगे। ये दोनों बातें अलग अलग है।
नोटबंदी का यह निर्णय नि:संदेह ऐसा निर्णय है जो अत्यंत कड़ा अवश्य है किंतु इसका फल ठीक वैसे ही है, जैसे कोई खाने की कड़वी ऐसी चीज जो खाने में बेहद कड़वी अवश्य होती है किन्तु पेट एवं स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत गुणकारी एवं स्वस्थकारक सिद्ध होती है। इस साहसिक निर्णय की जितनी सराहना की जावे, वह कम ही कहलाएगी, क्योंकि इसके दूरगामी परिणाम इतने सुंदर होंगे, जिसकी हम अंशतः ही कल्पना कर पा रहे हैं।
नोटबंदी के पक्ष में मेरे ही ऐसे विचार हों, ऐसा मैं नहीं सोचता हूँ, यदि इस सम्बन्ध में अब तक हुए सबसे बड़े सर्वे के आंकड़ों को भी देखा जावे तो उससे भी प्रतीत होता है कि लाख तकलीफों के बावजूद भी ज्यादातर लोग मोदी जी के साथ खड़े है। यह सर्वे भी उस दौरान का है जब नोटबंदी लागू हुए कुछ ही दिन बीते थे और लोगों की परेशानियां बढ़ रही थी। इनसॉर्ट द्वारा ग्लोबल मार्केट रिसर्च कंपनी IPSOS की मदद से किए गए इस सर्वें में 82 फीसदी लोगों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नोट बंदी के फैसले को सही ठहराया था। यानी 2014 के लोकसभा चुनाव से भी बड़ा जनसमर्थन उन्हें इस मसले पर  मिलता हुआ नजर आ रहा था। सर्वे में जबकि 84 फीसदी जनता का मानना है कि काले धन को लेकर केंद्र सरकार वाकई गंभीर है। ग्लोबल मार्केट रिसर्च कंपनी IPSOS के सर्वे से पता चला है कि युवा भारत मोदी के समर्थन में खड़ा है। सिर्फ यंग इंडिया ही नहीं बल्कि अर्बन इंडिया ने भी ब्लैक मनी को लेकर सरकार की स्ट्रैटजी की सराहना की है। ये सर्वे करीब पांच लाख लोगों की राय पर आधारित था और उसमें भी करीब 80 फीसदी लोगो की उम्र 35 साल से कम थी। ऐसे में सर्वे के निष्कर्ष बतातें है कि देश का युवा और मेट्रो सिटी में रहने वाले लोग इस बात को मानते है कि काले धन और भ्रष्टाचार को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की जो रणनीति है वो काफी बेहतर हैं। उसकी सराहना की जा रही हैं। देश की जनता इस बात को भी मान रही है कि उन्हें तकलीफ हो रही है, लेकिन ब्लैक मनी और भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए वो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ खडी नजर आ रही है। यद्यपि यहाँ यह कहना उचित होगा कि किसी भी सर्वें को समस्त जनता की राय नहीं माना जा सकता है, यह एक संकेत भर होता है, एक अनुमान होता है, यह पूर्ण सत्य को भी दृष्टिगोचर कर सकता है और नहीं भी, क्योंकि  इसमें कुछ लोगों से ही रायशुमारी की जाती है। सर्वे की यह रिपोर्ट indiatrendingnow.com से ली गई है, सर्वे के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी इस साईट पर विजिट करके भी देखी जा सकती है। कुछ लोगों पर किए गए इस सर्वे के आंकड़ों से या मीडिया में दिखाई दे रहे लेखों से या विभिन्न इंटरव्यूज में, मोदी जी के इस निर्णय की सराहना ज्यादा आलोचना कम दिखाई दे रही है और अब जब 9 नवम्बर से पहले के लेनदेन को भी सामने लाने की पहल सम्बंधित विभाग द्वारा कर दी गई है, तो इस विषय पर आलोचना के लिए आलोचकों के पास कुछ विशेष नहीं रहा है।